सम्मेलन में शिक्षक विरोधी नीतियों की आलोचना
बिना आंदोलन के समस्याओं का नहीं होता निराकरण : विधायक
पडरौना। उदित नारायण इंटर कॉलेज सभागार में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट की ओर से बुधवार को हुए जिला स्तरीय सम्मेलन में सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों की आलोचना की गई।
मुख्य अतिथि कुशीनगर के विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि संगठन में ही शक्ति होती है। संगठन के बगैर आंदोलन के समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के काम में सहभागिता उनके लिए गौरव की बात होगी।
प्रदेश मंत्री नवनाथ दूबे ने कहा कि भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त है। इसे दूर किया जाना चाहिए। ताकि शिक्षकों की समस्याएं दूर हो सके। प्रदेश उपाध्यक्ष जयप्रकाश नायक ने कहा कि संगठन का महत्व उसके संघर्ष से है। संघर्ष के बल पर ही ट्रेजरी से भुगतान, रिटायरमेंट की आयु 62 वर्ष व सेवा सुरक्षा मिल रही है।
अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जगदीश पांडेय ने कहा कि सरकार की ओर से बनाए जा रहे ट्रिब्यूनल का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा आयोग का भी विरोध करेंगे। कहा कि पुराना शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ही उचित है। सरकार टॉस्क फोर्स और जनशक्ति के बहाने शिक्षकों के पद को खत्म करना चाहती है। यह सरकार की साजिश है।
इसके अलावा प्रधानाचार्य इलियास अंसारी व सत्यप्रकाश सिंह ने विचार व्यक्त किया।
इस मौके पर शशिशेखर पांडेय, संजय कुमार सिंह, आशनरायन राय, कैप्टन जगमोहन तिवारी, दल्लू यादव, हरिप्रताप सिंह, राजेंद्र सिंह, सत्येंद्र उपाध्याय, ओमप्रकाश द्विवेदी, दयाशंकर पांडेय, राजनरायन सिंह, राघवेंद्र शरण सिंह, आनंद श्रीवास्तव, सुरेंद्र सिंह, आनंद शुक्ला, राजीव यादव,सत्येंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें
पुरानी पेंशन की बहाली, वित्त विहीन विद्यालयों में समान वेतन, ट्रिब्यूनल को वापस लिए जाने, टॉस्क फोर्स के माध्यम से शिक्षकों की कटौती रोकी जाए, शिक्षा सेवा आयोग के गठन को वापस लेने व शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को बरकरार रखने, तदर्थ, व्यावसायिक व कंप्यूटर शिक्षकों की सेवाएं नियमित किए जाने, सभी अवशेषों की भुगतान, भ्रष्टाचार पर प्रभावी कदम उठाने, कार्यालयों में ई-फाइलिंग की व्यवस्था कराया जाना शामिल है।