समाज की बेहतरी के लिए महिलाओं का उत्थान जरूरी: एसपी

समाज की बेहतरी के लिए महिलाओं का उत्थान जरूरी: एसपी


गीता इंटरनेशन स्कूल रवींद्रनगर में आयोजित हुई पुलिस की पाठशाला
पडरौना। भारत में महिलाओं को प्राचीन काल से ही पुरुषों से भी बड़ा स्थान मिलता रहा है। परंतु बीच के कालखंड में महिलाओं की हालत बिगड़ी, जिसका असर सामाजिक व्यवस्था पर भी पड़ा और तमाम सामाजिक बुराइयां सामने आईं। अब सरकार और सामाजिक संगठनों के प्रयास से पुन: महिलाओं की हालत में सुधार आया है। बेहतर समाज के लिए महिलाओं को भी पुरुषों के समान ही सम्मान मिलना जरूरी है।
ये बातें पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मिश्र ने बृहस्पतिवार को गीता इंटरनेशनल स्कूल रवींद्रनगर के परिसर में  आयोजित पुलिस की पाठशाला में बतौर मुख्य अतिथि कहीं। एसपी ने कहा कि महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा तभी मिलेगी जब वे शैक्षिक व आर्थिक रूप से मजबूत होंगी।
महिला एसओ विभा पांडेय ने पुलिस की तरफ से लड़कियों की सुरक्षा के लिए किए गए कानूनी उपायों की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में कुल 380 शपथ पत्र भरे गए।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन इंद्रजीत गुप्ता, प्रिंसिपल नीरू टंडन, डॉ. उपेंद्र गुप्ता, अरुण गुप्ता, आनंद अग्रवाल, डॉ अरुण पराशर, अल्पना, स्मिता, राहुल, नंदिता, सद्दाम समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
शिक्षिका और छात्राएं बोलीं- ऐसे कार्यक्रमों से बदल रहा माहौल
पडरौना। कार्यक्रम में मौजूद कक्षा नौवीं की छात्रा खुशबू जहां ने कहा कि ऐसे आयोजनों से मिली जानकारी व्यक्तिगत जीवन के लिए भी लाभप्रद है। समाज में महिलाओं की स्थिति बदलने में ऐसे कार्यक्रम कारगर साबित हो रहे हैं।
कक्षा नौवीं की छात्रा अनुष्का चौधरी ने कहा कि इस कार्यक्रम में महिलाओं के लिए चलाए गए कानूनी उपायों की जानकारी मिली। यह जानकारी क्लास रूम में मिलना संभव नहीं था।
अध्यापिका स्मिता ने कहा कि लड़कियां अब पहले से अधिक आत्मनिर्भर हो रही हैं। पुलिस अफसरों की तरफ से दी गई जानकारी से भविष्य में भी राहत मिलेगी।
अर्पणा राव ने कहा कि समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले आयोजनों से सामाजिक बदलाव तेज हुए हैं। लोग अपनी लड़कियों को भी लड़कों की तरह ही पढ़ाई में तवज्जो देने लगे हैं।